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इंडियन पब्लिक स्कूल पाली में डांडिया की धूम, मां दुर्गा की भक्ति में रंगे नन्हे सितारे

रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में बच्चों ने बिखेरा जलवा, शिक्षिकाओं ने कराया मां दुर्गा के दर्शन; शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति को संजोने की अनूठी पहल

कोरबा/पाली। नवरात्रि के पावन अवसर पर इंडियन पब्लिक स्कूल, पाली में भक्ति, उल्लास और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यालय परिसर में आयोजित डांडिया उत्सव के दौरान नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने डांडिया की थाप पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। बच्चों के चेहरे पर झलकता उत्साह, पारंपरिक संगीत की मधुर धुन और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।

यह आयोजन केवल नृत्य और मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने की एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।

डांडिया की थाप पर झूमे बच्चे, भक्ति और उल्लास से सराबोर हुआ विद्यालय

नवरात्रि के रंग में रंगे विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ डांडिया नृत्य में भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। संगीत की लय के साथ तालमेल बिठाते बच्चों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक अभिरुचि का परिचय दिया।

ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ-साथ समूह में कार्य करने, अनुशासन बनाए रखने और मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत होने की प्रेरणा भी मिलती है।

शिक्षिकाओं की पहल से मां दुर्गा के दरबार पहुंचे नौनिहाल

उत्सव को और भी विशेष बनाते हुए विद्यालय की शिक्षिकाएं विद्यार्थियों को दुर्गा पंडाल लेकर पहुंचीं, जहां बच्चों ने मां दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान बच्चों में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली।

शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को नवरात्रि के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व, मां दुर्गा की आराधना और भारतीय परंपराओं के बारे में जानकारी दी। इस पहल ने बच्चों को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपनी संस्कृति को करीब से जानने और समझने का अवसर प्रदान किया।

विद्यालय की यह गतिविधि इस बात को रेखांकित करती है कि बच्चों की वास्तविक शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जीवन के अनुभवों, संस्कारों और सामाजिक-सांस्कृतिक जुड़ाव से भी समृद्ध होती है।

डायरेक्टर राकेश मिश्रा के मार्गदर्शन में शिक्षा के साथ संस्कारों पर जोर

इंडियन पब्लिक स्कूल, पाली के डायरेक्टर श्री राकेश मिश्रा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को महत्व दिया जाता है। विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक, सामाजिक और रचनात्मक आयोजनों को भी प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि बच्चों में ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नैतिक मूल्यों का विकास हो सके।

विद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर श्री कुणाल महापात्रा के सहयोग तथा प्राचार्य श्री संतोष देवनाथ के नेतृत्व में इस प्रकार के आयोजनों को बढ़ावा दिया जाता है। डांडिया नृत्य की तैयारी से लेकर बच्चों को दुर्गा पंडाल में दर्शन कराने तक शिक्षक-शिक्षिकाओं की भूमिका सराहनीय रही।

संस्कारयुक्त शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव

आज के बदलते दौर में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से परिचित कराना भी महत्वपूर्ण है। इंडियन पब्लिक स्कूल, पाली का यह आयोजन इसी सोच को दर्शाता है, जहां विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और उसका सम्मान करने की प्रेरणा दी जाती है।

डांडिया उत्सव और मां दुर्गा के दर्शन का यह अवसर विद्यार्थियों के लिए आनंद, आस्था और सांस्कृतिक सीख का यादगार अनुभव बना। ऐसे आयोजन बच्चों में आपसी सहयोग, अनुशासन, आत्मविश्वास और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इंडियन पब्लिक स्कूल, पाली की यह पहल एक सकारात्मक संदेश देती है कि बेहतर शिक्षा वही है, जो बच्चों को ज्ञानवान बनाने के साथ संस्कारवान भी बनाए। शिक्षा, संस्कृति और संस्कारों के समन्वय से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने की दिशा में विद्यालय निरंतर प्रयासरत है।

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