
कोरबा/कटघोरा। ‘कटघोरा का राजा’ की शोभायात्रा के दौरान कथित रूप से हुड़दंग और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करना एक युवक को भारी पड़ गया। कानून-व्यवस्था संभालने में जुटी पुलिस के शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में पदुम पाटिल (30), पिता रवि पाटिल, निवासी अंबेडकर नगर, कटघोरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
शोभायात्रा में हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा
पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर 2026 को ‘कटघोरा का राजा’ की शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान पदुम पाटिल पर कथित रूप से हुड़दंग करने का आरोप है। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए उसे समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया।
पुलिस का आरोप है कि समझाइश के बावजूद युवक ने कथित रूप से पुलिस के शासकीय कार्य में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

कई धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस के मुताबिक मामले में अपराध क्रमांक 356/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के विरुद्ध BNS की धारा 351(3), 121(1), 132, 221 एवं 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ पर सख्ती
पुलिस की इस कार्रवाई को सार्वजनिक आयोजनों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के दौरान हुड़दंग, उपद्रव या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के कार्य में कथित बाधा को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
बताया गया कि कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी (भापुसे) के असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले (रापुसे) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितिश ठाकुर (रापुसे) के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस की कार्रवाई से साफ संदेश
शोभायात्रा आस्था और उत्सव का मंच है, कानून तोड़ने का नहीं। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में शांति और व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।



