
कोरबा/पाली। बौद्धिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और संस्कारों को विद्यार्थियों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत इंडियन पब्लिक स्कूल पाली में गणेशोत्सव का भव्य एवं भावपूर्ण समापन हुआ। भगवान श्री गणेश की आराधना से पिछले कई दिनों से भक्तिमय रहे विद्यालय परिसर में शनिवार को विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धा के बीच गणपति बप्पा को भावभीनी विदाई दी गई।
गणपति बप्पा के आगमन के साथ ही विद्यालय परिसर में प्रतिदिन पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जा रहा था। छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ इसमें सहभागिता निभाई। विद्यार्थियों ने भगवान श्री गणेश से ज्ञान, बुद्धि, विवेक, सुख-समृद्धि, सफलता और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद मांगा।

ढोल-नगाड़ों के बीच गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’
गणेशोत्सव के समापन अवसर पर प्रतिमा विसर्जन से पहले विद्यालय परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री गणेश की आरती कर विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों एवं समाज के सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। इसके बाद छात्र-छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यालय परिवार ढोल-नगाड़ों की थाप पर उत्साहपूर्वक विसर्जन यात्रा में शामिल हुए।
“गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। उत्साह और भक्ति से सराबोर विसर्जन यात्रा नगर के हृदयस्थल नौकोनिया तालाब पहुंची, जहां श्रद्धा और भावुकता के बीच भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया।
विदाई के पल में छलकी श्रद्धा, बच्चों के चेहरों पर दिखा उत्साह और भावुकता
बप्पा की विदाई के दौरान विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह के साथ भावुकता भी साफ दिखाई दी। बच्चों ने पूरे अनुशासन और श्रद्धाभाव के साथ विसर्जन यात्रा में सहभागिता निभाई। शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यालय परिवार की सामूहिक सहभागिता ने गणेशोत्सव के इस आयोजन को यादगार बना दिया।
इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ विद्यार्थियों को सामूहिकता, अनुशासन, सहयोग, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का व्यावहारिक संदेश भी मिला।

‘किताबी ज्ञान के साथ संस्कार भी जरूरी’ — राकेश मिश्रा
विद्यालय के डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने कहा कि इंडियन पब्लिक स्कूल केवल किताबी ज्ञान प्रदान करने वाला संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों की पाठशाला भी है। भगवान श्री गणेश ज्ञान, बुद्धि, शुभता और मंगल के प्रतीक हैं। विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से भी मजबूती से जुड़े रहें।
उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके माध्यम से बच्चों में एकता, अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व क्षमता, सहभागिता और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है। शिक्षा के साथ संस्कारों और नैतिक मूल्यों का समावेश ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव तैयार करता है।
विद्यालय परिवार की रही सक्रिय सहभागिता
गणेशोत्सव के सफल आयोजन में विद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर कुणाल महापात्रा, प्रिंसिपल संतोष देवनाथ सहित शिक्षिकाओं चित्रलेखा चौबे, साक्षी जायसवाल, अंजू पटेल, ममता जगत एवं अनामिका देवनाथ समेत समस्त विद्यालय परिवार ने सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता निभाई।
विद्यालय प्रबंधन ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही भगवान श्री गणेश से प्रार्थना की कि सभी विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान, बुद्धि, संस्कार, सुख-समृद्धि और सफलता का प्रकाश सदैव बना रहे।
गणपति बप्पा की विदाई के साथ उत्सव भले ही समाप्त हुआ, लेकिन विद्यार्थियों के मन में संस्कार, संस्कृति और सकारात्मक जीवन-मूल्यों की जो सीख अंकित हुई, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

