
रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता और उल्लास के साथ मनाया गया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का स्नेह और विश्वास उनके लिए अनमोल है और यही उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए नई ऊर्जा देता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पावन पर्व है। उन्होंने प्रदेश की माताओं-बहनों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
कार्यक्रम में महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, दिव्यांग बहनों और विभिन्न समाजों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती सरला दुबे द्वारा मुख्यमंत्री को राखी बांधना कार्यक्रम का विशेष भावुक क्षण रहा।

68 लाख महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन को देखते हुए योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 25 अगस्त को ही महिलाओं के खातों में अंतरित की गई।
उन्होंने कहा कि इस योजना ने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और वे राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका के लिए कर रही हैं।

13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन प्रदेश ने लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इसे प्रदेश की महिलाओं के परिश्रम और उद्यमशीलता का प्रमाण बताया।
ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक और नए व्यवसायों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।

महिला सशक्तिकरण से विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का मजबूत भागीदार बनाना चाहती है। नई औद्योगिक नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं। महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का भी लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की हर माता-बहन को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भर बनने के पर्याप्त अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति है।




